बालिका के नैसर्गिक गुणों का विकास आवश्यक है: रेखा चुडासमा

बालिका के नैसर्गिक गुणों का विकास आवश्यक है| इस विकास के लिए विभिन्न उपक्रम विद्यालय व समाज में चलने चाहिए| उक्त शब्द सुश्री रेखा चुडासना-अ. भा बालिका शिक्षा संयोजिका ने विद्या भारती हरियाणा द्वारा आयोजित प्रांतीय कन्या भारती पदाधिकारी कार्यशाला (26 से 28 जुलाई,2019) को शिक्षा भारती विद्यालय रामनगर रोहतक में कहे| इस कार्यशाला में श्रीमती कुसुम जी-बालिका शिक्षा प्रमुख एवं श्रीमती निर्मल पोपली जी-सह बालिका विद्या भारती उत्तर क्षेत्र एवं श्रीमती सरोज सैनी जी-प्रान्त प्रभारी विशेष रूप से उपस्थित रही| इस कार्यशाला में राष्ट्र निर्माण में नारी की भूमिका, सांस्कृतिक परम्परा एवं आधुनिकता में समन्वय, नौकरी और पारिवारिक दायित्वों का ताल मेल, महिला की जीवन शैली में विज्ञान का महत्त्व, दायित्व बोध आदि विषयों पर विचार विमर्श एवं मार्गदर्शन हुआ|  योग, आत्म सुरक्षा, शारीरिक आदि विषय पर कार्यशाला में अभ्यास करवाया गया| कार्यशाला में प्रान्त भर से 18 विद्यालयों 94 बालिकाओ, 19 आचार्य दीदी ने भाग लिया|

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