नवीन प्रधानाचार्य कार्यशाला का हुआ समापन

प्रधानाचार्य विद्यालय का आधार होता है प्रधानाचार्य हिन्दुत्व एवं राष्टभक्ति की शिक्षा देने वाला होगा तो वहां का छात्र अवश्य ही निखर कर आएगा प्रधानाचार्य/आचार्यों को शिक्षित करने के लिए विद्या भारती समय-समय पर प्रयास करती रहती है| ऐसा एक प्रयास, विद्या भारती हरियाणा द्वारा दिनांक 29 सितम्बर से 02 अक्तूबर, 2019 को नवीन प्रधानाचार्य कार्यशाला का आयोजन कुरुक्षेत्र में किया गया|

उद्घाटन सत्र में श्री विजय नड्डा जी द्वारा विद्या भारती के बारे में बताया कि विद्या भारती कार्य क्या है, इसकी गतिविधियाँ एवं प्रक्रिया का विशलेषण किया| श्री शेषपाल जी-शैक्षिक प्रमुख विद्या भारती हरियाणा ने प्रधानाचार्य के कार्य एवं दायित्व को दो सत्रों में विस्तार से प्रधानाचार्य के सम्मुख रखा| श्री राम कुमार जी-प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख ने छात्र व प्रधानाचार्य दैनंदनी का उपयोग के बारे में विस्तार से चर्चा की गई| श्री हर्ष कुमार जी-सेवा शिक्षा प्रमुख विद्या भारती उत्तर क्षेत्र ने विद्यालय की वार्षिक योजना पर प्रकाश डाला|

श्री रवि कुमार जी-संगठन मंत्री विद्या भारती हरियाणा ने अपने सत्र में विद्यालय आधारित प्रशिक्षण, ICT in Education तथा स्वयं का विकास विषयों को प्रतिभागियों के सामने रखते हुए उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि आईसीटी के प्रति शिक्षकों का रवैया बहुत मायने रखता है| आज शिक्षा जगत की आवश्यकता है कि शिक्षा में तकनिकी का उपयोग किया जाए| विद्या  में अध्ययन, अध्यापन, समाज के साथ संवाद में तकनीक का उपयोग करने से शैक्षिणक स्तर बढ़ता है और बहुत सारे कार्यों में सरलता होती है| विद्यालय प्रबंधक में भी तकनीक आवश्यकता है, इससे गुणवत्ता बढ़ेगी| तकनीक उपयोग का प्रारंभ स्वय के करने से व रुचिं लेने से होगा| कार्यशाला में कुल 18 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया|

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