संस्कृति बोध परियोजना

विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान

स्थापना :-“विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान” की स्थापना दिनांक 30 जुलाई 1984 को कुरुक्षेत्र हरियाणा में हुई | इसका विधिवत पंजीकरण सोसाइटीज पंजीकरण एक्ट 1860 की धारा 21 के अंतर्गत दिनांक 4 सितम्बर,  1984 को हुआ |  

उद्देश्य :- भारतीय संस्कृति व जीवनादर्श के अनुरूप शिक्षा की व्यवस्था तथा उनका समुचित विकास करना एवं बालक के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक एवं नैतिक विकास के निमित्त विभिन्न स्तरों व विविध क्षेत्रों में शिक्षण संस्थाएं खड़ी करना, व्यवस्था करना तथा ऐसे संगठनों से उनके प्रबंधकों के साथ सुनियोजन करना इसके साथ-साथ विज्ञान की उपलब्धियों से अवगत करने हेतु प्रयोगशाला और वैज्ञानिक संगठन निर्माण करना, विद्यार्थियों में सांस्कृतिक, साहित्यिक व कलात्मक अभिरुचियों के जागरण तथा इसके पञ्चविध विकास हेतु संस्कृति ज्ञान परीक्षा आदि विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना ही इस संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है । विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरुक्षेत्र के माध्यम से सम्पूर्ण देश में अनेकों कार्यक्रम संचालित किए जाते है |

संस्कृति बोध परियोजना

इस परियोजना के लिए तैयार किए गए साहित्य में ऐसे तथ्यों की जानकारी दी गई है, जिसका सुकृत्यों से सम्बन्ध रहा है | इस महत्वपूर्ण विरासत “भारतीय संस्कृति” के विषय में जानकारी प्राप्त करके हमारे बाल-किशोर विद्यार्थी भैया-बहने सद्गुणों को अपने व्यक्तित्व के अंग बनाएं और इस विरासत का सन्देश फैलाकर भारत माता के सुपुत्र-सुपुत्रियां कहलाने का गौरव प्राप्त करें, इन्हीं स्वप्नों को साकार रूप प्रदान करने हेतु संस्कृति बोध परियोजना के क्रियाकलाप संपन्न होते है | इनका विवरण इस प्रकार है :-

1. अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा

2. आचार्य संस्कृति ज्ञान परीक्षा

3. प्रशंमंच प्रतियोगिता

4. क. अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता : (छात्रों के लिए)

     ख . अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता : (आचार्यों के लिए)

 

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