बाल भारती – बस्ती दर्शन

बाल भारती कार्यशाला  28 से 30 जूलाई 2016 को उचाना मंडी जींद में आयोजित हुआ। कार्यशाला  का एक महत्वपूर्ण भाग है बस्ती दर्शन । इस बार बाल भारती के भैया बहन उचाना की दो वंचित बस्तियों में गए। कार्यक्रम से लौटने के बाद सभी ने अपने-अपने अनुभव बताएं कुछ बस्तीवासियों की दीन-दशा  देखकर बहनों के तो आंसू तक छलक आए। भैयाओं ने उनकी दयनीय स्थिति का वर्णन किया। बहन सुकृति (कुरुक्षेत्र) ने बताया कि आभाव भी है और व्यसन भी है इसलिए बच्चें स्कूल नही जा पाते और मजदूरी करते है। भैया लखयोवन ने कहा कि कुछ लोगो ने सोचा कि हम सरकारी अनुदान लेकर आए है जब हमने परिचय दिया तो वे निराश हो गए। नरवाना के भैया रणदीप ने बताया के एक बुढिया ने तो दरवाजा ही बन्द कर दिया। वहां अभी ज्ञान कि लौ नही पहुुंची है। अन्य भैया बहनोें ने भी वर्णन किया। उन्होने बताया कि जगह भले ही कम थी परन्तु हर घर में पेड़ अवश्य था हमें भी सीखना चाहिए। स्थानीय बच्चों ने व आचार्यो ने बड़ा सहयोग किया। बच्चों ने अपनी ओर से हर संभव उपाय अपने-अपने स्थानो पर करने का संकल्प लिया। बाद मे उनको श्री हेमाराज जी  (डबवाली) ने अपने अनुभवो से समर्पण हेतु प्रोत्साहित किया।

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