प्रशिक्षण की कमी से ज्ञान धीरे-धीरे धूमिल होने लगता है: देशराज शर्मा

शिक्षा चिंतन की प्रक्रिया है शिक्षा चिंतन के द्वारा ही विस्तार प्राप्त करती है । पूर्व संचित ज्ञान में अभिवृद्धि ही बैठक व वर्गों का उद्देश्य है । जीव Read More…

परीक्षा की तैयारी करवाते समय भी प्रधानाचार्य एवं विभाग प्रमुखों की भूमिका मार्गदर्शक की ही रहनी चाहिए : सुरेन्द्र अत्री

आज देश में विपरीत परिस्थितियों के चलते चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षा के कदम रुके नहीं है। इन्ही परिस्थितियों में आ रही चुनौतियों का हल निकालने कRead More…

पाठक वर्ग को ध्यान में रखकर सरल भाषा में लिखना चाहिए : आशुतोष भटनागर

समाचार पत्र, पत्रिका पढ़ना भी एक कला है जैसे सूचनाएं लेने के लिए पढ़ते हैं वैसे ही नवीनता ढूंढने के लिए भी पढ़ना चाहिए। परन्तु यह कार्य तभी संभव होगा जब Read More…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावहारिक रूप में आने वाले प्रश्नों के सम्बन्ध में तैयारी आवश्यक है : रवि कुमार

आधारभूत विषयों के प्रति आचार्यों में श्रद्धाभाव खड़ा होना चाहिए एवं इन्हीं विषयों में वंदना सभा, पंचांग एवं कक्षा-कक्ष का क्रियान्वयन हो, दक्षता वर्गRead More…

विद्या भारती के विद्यालयों में होने वाली वंदना की समाज में अलग पहचान : रवि कुमार

संगीत एक विद्या या कला ही नहीं जीवन की लय है, संगीत मन को संवारता है। शब्दों का प्रभाव सीधा मन पर होता है। शब्द को संगीत के माध्यम से किसी के मन में उतारा जाRead More…

विद्या भारती का उद्देश्य छात्रों को संस्कार युक्त वातावरण में मूल्य आधारित शिक्षा देना है : रवि कुमार

प्रचार किसी भी संस्थान का अहम हिस्सा होता है क्योंकि प्रचार के माध्यम से ही समाज तक हम अपनी बात पहुंचा सकते है। समाज की हमारे बारे में सोंच सकारात्मक हRead More…

पुस्तक निर्माण बच्चों के कौशल में सुधार के आधार पर होना चाहिए: देशराज शर्मा

पुस्तकों का छात्र के जीवन में महत्वपूर्ण योगदान होता है अगर पुस्तक में छात्रों के अनुरूप ज्ञान नहीं होगा तो छात्र का भविष्य सार्थक नहीं हो सकता। विद्Read More…

बालिका को किशोरावस्था से ही शिक्षा के साथ-साथ उसे स्वाबलंबी बनने की ओर अग्रसर करना चाहिए : रेखा चूड़ासम्मा

वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बालिका की नैसर्गिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक  इस त्रियोचित गुणों का विकास नहीं हो पाता। हमारे परिवारों की धार्मिकता और Read More…

विद्या निधि

If the poor child cannot come to education, education must go to him.
– SWAMI VIVEKANANDA
आप निम्न रूप में गरीब बालकों की सहायता कर सकते है – 👉🏼एक बालक का मासिक शुल्क 1000 रुपये/मासिक 👉🏼एक बालक के लिए शैक्षणिक सRead More…