हम शिक्षाधर्मी हैं शिक्षाकर्मी नहीं : देश राज शर्मा

विद्या भारती के विद्यालयों में NEP 2020 का 40% कार्य तो पहले से ही हो रहा है। 1964 से 1966 की नीति का 10% कार्य ही धरातल पर हुआ । 1985 – 86 की नीति में 20% कार्य हुआ परंतु 2020 की राषRead More…

विद्या भारती हरियाणा ने किया ऑनलाइन संस्कृतसन्ध्या का आयोजन

विद्या भारती हरियाणा प्रांत द्वारा संस्कृत सप्ताह के उपलक्ष्य में ऑनलाइन संस्कृत संध्या का आयोजन किया गया।जिसमें प्रांत के 9 स्कूलों से लगभग 20 विद्यRead More…

नारी सशक्तिकरण एवं विकास अत्यंत महत्वपूर्ण : रेखा चुडासमा

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने शिक्षा को संस्कार, ज्ञान एवं चरित्र से जोड़ते हुए त्रिवेणी कहा है । उन्होंने कुंती ,द्रौपदी एवं  अहिल्या जैसी महान नारियोRead More…

प्रायोगिक शिक्षा प्रदान करेगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति – अवनीश भटनागर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति भविष्य के विद्यार्थियों को प्रायोगिक शिक्षा प्रदान करेगी। खेल-खेल में सिखने को अधिक महत्व देने का प्रयास किया जाएगा। इस शिक्षRead More…

देश की शिक्षा का आधार उस देश की मूल प्रकृति या संस्कृति होती है : देशराज शर्मा

भारत की मूल प्रकृति आध्यात्मिक है । इसलिए यहां पर जन्मे व्यक्ति में बचपन से ही दया, करुणा, ममता, आत्मीयता,सेवा आदि के भाव देखे जा सकते हैं  । शिक्षा का उRead More…

व्यक्तित्व विकास के लिए शिशु वाटिका के शिक्षण पर दें ध्यान : रवि कुमार

आज सम्पूर्ण विश्व में covid-19 वश्विक महामारी के कारण सबसे अधिक शिक्षा क्षेत्र प्रभावित हुआ है । इस समय में कुछ विशेष प्रयोग भी हुए है और कुछ कठिनाइयाँ भी साRead More…

विद्या भारती हरियाणा द्वारा आयोजित ‘लक्ष्य – Career Counselling Session’

कक्षा नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों को भावी जीवन के लिए विषय क्षेत्र को अध्ययन एवं व्यवसाय के रूप में चुनना होता है, आगे इसी के आधार पर उच्च शिक्षा Read More…

शिक्षा से ही वसुधैव कुटुंबकम की भावना आती है : नम्रता दत्त

शिक्षा जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है एवं शिक्षा से ही बालक का सर्वांगीण विकास होता है। शिक्षा ही मनुष्य को सच्चे अर्थों में मानव बना कर मानवता के Read More…

प्रशिक्षण की कमी से ज्ञान धीरे-धीरे धूमिल होने लगता है: देशराज शर्मा

शिक्षा चिंतन की प्रक्रिया है शिक्षा चिंतन के द्वारा ही विस्तार प्राप्त करती है । पूर्व संचित ज्ञान में अभिवृद्धि ही बैठक व वर्गों का उद्देश्य है । जीव Read More…

परीक्षा की तैयारी करवाते समय भी प्रधानाचार्य एवं विभाग प्रमुखों की भूमिका मार्गदर्शक की ही रहनी चाहिए : सुरेन्द्र अत्री

आज देश में विपरीत परिस्थितियों के चलते चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षा के कदम रुके नहीं है। इन्ही परिस्थितियों में आ रही चुनौतियों का हल निकालने कRead More…