राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावहारिक रूप में आने वाले प्रश्नों के सम्बन्ध में तैयारी आवश्यक है : रवि कुमार

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आधारभूत विषयों के प्रति आचार्यों में श्रद्धाभाव खड़ा होना चाहिए एवं इन्हीं विषयों में वंदना सभा, पंचांग एवं कक्षा-कक्ष का क्रियान्वयन हो, दक्षता वर्ग की सभी विद्यालय योजना बनाए। यह विचार श्री रवि कुमार जी (प्रान्त संगठन मंत्री विद्या भारती हरियाणा) ने विद्या भारती हरियाणा (हिन्दू शिक्षा समिति एवं ग्रामीण शिक्षा विकास समिति) द्वारा आयोजित प्रांतीय प्रधानाचार्य वार्षिक योजना बैठक (दिनांक 28 से 30 नवम्बर, 2020 भारती भवन, कुरुक्षेत्र) में कहे। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यालय में एक आचार्य अन्य आचार्यों को भी आई.टी का प्रशिक्षण दें ।

रवि कुमार जी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार देते हुए कहा कि इस शिक्षा नीति से विद्यालय में बालकों में परिवर्तन संभव है। साथ ही प्राथमिक कक्षाएं मातृ-भाषा में पढाई जाएंगी। कक्षा नौवीं से बाहरवीं तक के सभी घटकों को Higher Education में होने वाले परिवर्तनों का ज्ञान आवश्यक है। शिशु कक्षा नहीं शिशुवाटिका बनाये। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावहारिक रूप में आने वाले प्रश्नों के सम्बन्ध में तैयारी आवश्यक है। 

श्री शेषपाल जी-प्रान्त शैक्षिक प्रमुख ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानाचार्य विद्यालय की गतिविधियों के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास की प्रक्रिया में मुख्य केंद्र है। इसमें एक आयाम है शैक्षिक निरीक्षण। बैठक में निरीक्षण प्रपत्र पढ़ा गया और कहा कि प्रपत्र अनुसार विभिन्न व्यवस्थाओं को समय-समय पर जांचा जाना चाहिए। अभिभावक प्रबोधन सूक्ष्म ढंग से हो इसका चिंतन आवश्यक है। विषय निर्धारित कर अभिभावक संपर्क निरंतर हो।  श्री राम कुमार जी-प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विद्यालय की गुणवत्ता अंग-उपांग की कुशलता पर निर्भर होती है। कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण व वर्ग का आयोजन किया जाता है।  

श्री सुरेंदर अत्री जी-उपाध्यक्ष विद्या भारती उत्तर क्षेत्र ने पूर्व छात्रों पर अपना विषय रखते हुए कहा कि पूर्व छात्र प्रबोधन की योजना करना आवश्यक है। वर्तमान समय तक 3 लाख 56 हजार पूर्व छात्र पंजीकृत है। इसका श्रेय प्रधानाचार्यों को जाता है। आगामी सत्र में भी पूर्व छात्रों को सूचीबद्ध करें। पिछले वर्षों तक के पूर्व छात्रों (2001 के बाद से अब तक) का पंजीकरण अवश्य हो जाए।

श्री चेतराम शर्मा-मंत्री ग्रामीण शिक्षा विकास समिति ने मानक परिषद पर अपना उद्बोधन रखते हुए कहा कि शान्ति लाल मूत्त्था फाउंडेशन एक सामाजिक संस्था ने शिक्षा क्षेत्र की ओर ध्यान देते हुए नियम निर्धारित करते हुए विभिन्न मानक तय किये है। जिनके द्वारा विद्यालय का उन्नयन हो सकता है ।

बैठक के समापन सत्र में श्री देशराज शर्मा-मंत्री विद्या भारती उत्तर क्षेत्र ने कहा कि हमारी योजना का मुख्य आधार ‘हमारा लक्ष्य’ है प्रांतीय योजना के बाद संकुल एवं विद्यालय योजना आवश्यक है परन्तु योजना अपनी क्षमताओं, अपनी कुशलताओं को ध्यान में रखकर बनाये और दूर-दृष्टि व भविष्य का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि 2025 एक अद्भूत दृश्य वाला भारत होगा। बैठक में प्रान्त से 45 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया।

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